SHIVSTAN (Neamatpur)

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Coordinates:   23°42'58"N   86°52'35"E

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  • शिव धर्म खतरनाक Deadly SHIV DHARMA TRUE RELIGION धर्म युद्ध शिव शक्ति द्वारा सम्पूर्ण विश्व का जन्म हुआ है ओर शिव द्वारा ही सम्पूर्ण विश्व का अन्त निश्चित है। जो शिव धर्म नहीं मानते वह नास्तिक है वह धरती पर बोझ है। बोझ को हल्का कर दे , उन का कत्ल शिव धर्म को न मानने वाले तुम्हारे दुश्मन है। जो शिव का नहीं होता वह किसी का नहीं होता है। याद रखना यह धरती भी शिव शक्ति की बनाई है। उसे धरती पर रहने का हक ही नहीं है। हर बार इन से सख्ती से निपटो य़ा निपटा दो । जो शिव धर्म अपना ले उसे छोड़ दें। शिव को न मानने वाले सिर्फ नरक में ही जाते हैं। उन्हें नरक की आग में झोंक दो। महा काली अधर्म नास्तिको की बली से बहुत खुश होती है। धन से माला माल कर देती है। जो शिव धर्म न माने उन से दशिना धन लो एक हो जाओ शिव धर्म धर्म के लिए युद्ध लड़ो , तब धर्म आप के लिए सहायक लड़े गा हर हर महादेव शिव धर्म
  • शिव धर्म ही सम्पूर्ण विश्व का सत्य है। शिव शक्ति द्वारा ही सम्पूर्ण विश्व का निर्माण हुआ है। शिव धर्म दुनिया का पहला सच्चा धर्म है जो शिव द्वारा ही सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माण हुआ है। शिव धर्म शिव शक्ति द्वारा ही संचालित हैं। कुंडलीनी जागरण बिना शिव के प्रति समर्पित भाव के हो ही नहीं सकता। अपने जीवन को मजबूत बनाने के लिए शिव धर्म को मजबूत बनाने हेतु कदम उठाए , , , , शिव ही सच्चे प्रेम का स्रोत है वही प्रेम का सागर है। शिव धर्म ही शिव प्रसाद है। जिस ने शिव लिंग द्वारा सभी आत्माओ को उत्पन्न किया है। बुराई का सफाया नाश करने की शक्ति दी है। संत साधु बनने के साथ साथ शिव धर्म की स्थापना रक्षा के लिए , बुराई को साफ करने के लिए , सीमा रक्षा के लिए दुश्मन को रास्ते से हटाने के लिए सहायक बने। बुराई को हटाने के लिए संत साधु के साथ साथ सच्चे योधा भी बने। वो संत साधु ही क्या है जो बुराई झूठे धर्म के आगे माथे को टेक दे । माथा टेकना है तो उस शिव धर्म शिव शक्ति के आगे जिस ने हमारी आत्मा का जन्म हुआ है। उस शिव शक्ति के आगे जिस ने हमारी आत्मा को उत्पन्न किया है। उस शिव लिंग के द्वारा उत्पन्न आत्मा का एक मात्र स्थान शिव ही है। उसी शिव लिंग से उत्पन्न विशनु एवं बम्ह्रा है। ओर सभी आत्माओ का जन्म स्थान शक्ति ही है , उद्गम स्थल शिव धर्म है जो शिव द्वारा संचालित है जो शिव तक पहुँचने का रास्ता दिखाऐ वही सच्चा धर्म है। शिव स्थान है सहस्रार चक्र आत्मा का स्रोत है। मुलाघार चक्र में पहला स्थान शिव धर्म का ही होता है। जिस का धर्म शिव नहीं होता वह हजार सालों तक कोशिशें करे कही नहीं पहुंच पाता है। शिव धर्म ही सम्पूर्ण विश्व के लिए सहायक है। जिस घर जिस परिवार मे ,जिस आश्रम में , जिस मंदिर में जिस गुरु की जुबान पर शिव शक्ति का नाम नहीं होता वह सिर्फ एक धोखा है। उसे समझाओ उसे सच्चा रास्ता दिखाओ , शिव धर्म द्वारा शिव की रोशनी के द्वारा ही सम्पूर्ण विश्व को प्रकाश से भर दो शिव शक्ति ही सच्चे प्रेम का स्रोत है। शिव धर्म गुलेरिया गुरु
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