एक एतिहासिक स्थल जहां पर पुरातन युग के अवशेष प्राप्त हुए । अनेक भगवानों की पाषाण मूर्ति स्थापित है । माघी पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष गौरेला मेला लगता है मेला में आसपास के क्षेत्र से बहुत मात्रा में लोग दर्शन हेतु आते हैं । मेला बहुत अच्छा लगता है । छ.ग. शासन ने इसके संरक्षण हेतु इसे छ.ग. धरोहर के रूप में पहचान दिया है ।
..... (सुभाष गजेन्द्र मो. 9893456232)
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